Home » Blog » रावण की तपस्या से प्रसन्न हुए ब्रह्मा, दिया अमरता का वरदान, श्री हरि विष्णु ने देवताओं को दिया मानव रुप में अवतार लेने का वचन

रावण की तपस्या से प्रसन्न हुए ब्रह्मा, दिया अमरता का वरदान, श्री हरि विष्णु ने देवताओं को दिया मानव रुप में अवतार लेने का वचन

by anjita rana

गोपेश्वर : गोपेश्वर नगर में मंगलवार से संयुक्त रामलीला मंच की ओर से आयोजित रामलीला का शुभारंभ हो गया है। रामलीला का शुभारंभ सामाजिक कार्यकर्ता गौरी कश्यप ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस दौरान वर्ष 2024 में गोपेश्वर नगर में दिवंगत हुए अधिवक्ता कुलदीप बर्त्वाल, अनसूया प्रसाद भट्ट, कुशलानंद भट्ट, यशवंत नेगी और डा. अरविंद भट्ट को श्रद्धांजलि भी दी गई।

गोेपेश्वर नगर व्यापार मंडल व संयुक्त रामलीला मंच की ओर से आयोजित रामलीला के प्रथम दृष्य में रावण द्वारा भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न कर जहां अमरता का वरदान मांगाा। वहीं कुम्भरकरण ने निद्रांसन और विभिषण ने श्री हरि नारायण की आराधना का वरदान मांगा गया। जिसके पश्चात देव ऋषि नारद द्वारा रावण को कैलाश पर्वत सहित भगवान शिव को लंका लाने का सुझाव दिया गया। जिस पर लंकापति रावण द्वारा कैलाश को लंका लाने की प्रयास और अपने ज्ञान व शक्ति के अंकार को देख भगवान शिव ने कुपित होकर रावण को नर और वानरों के हाथों मृत्यु का श्राप दिया गया। जिस पर लंकेश देवता और ऋषियों को बैरी मानकर उन पर अत्याचार शुरु कर देता है। जिससे दुखी होकर देवताओं द्वारा भगवान नारायण से रक्षा की गुहार लगाई जाती है। जिस पर भगवान श्रीहरि नारायण देवताओं को अयोध्या में राजा दशरथ के घर मानव रुप में जन्म लेकर रावण के संहार का आश्वासन देते हैं। इस मौके पर आशुतोष भट्ट, जूनी बर्त्वाल, विपिन भट्ट, प्रकाश नेगी, डॉ. दिनेश सती, कमल राणा, जगमोहन रावत, बॉबी रावत, सतीश पुरोहित, संजय कुमार सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।